वाशिंगटन/तेहरान: पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त खाड़ी देशों पर टिकी हुई हैं। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिया गया अल्टीमेटम अब अपने अंतिम चरण में है। नतीजतन, इस Trump Ultimatum To Iran ने वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंका बढ़ा दी है। साफ तौर पर, यदि ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानीं, तो आज रात किसी भी वक्त बड़े सैन्य एक्शन की शुरुआत हो सकती है।
हॉरमुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तनाव
यह पूरा विवाद ‘हॉरमुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर शुरू हुआ है। हालांकि, ईरान ने इस समुद्री रास्ते को ब्लॉक करने की कोशिश की थी। इसके बाद, ट्रंप प्रशासन ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हमला करार दिया। यही कारण है कि अमेरिका ने ईरान को साफ चेतावनी दी कि यदि रास्ता नहीं खुला, तो परिणाम गंभीर होंगे। निश्चित रूप से, यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार की लाइफलाइन माना जाता है।
क्या आज होगा अब तक का सबसे बड़ा हमला?
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा, इजराइल की वायुसेना ने भी अपनी चौकसी बढ़ा दी है। इसलिए, यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अल्टीमेटम खत्म होते ही ईरान के परमाणु केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, अमेरिकी युद्धपोत भी खाड़ी क्षेत्र में पोजीशन ले चुके हैं। अतः, आने वाले कुछ घंटे पूरी दुनिया के लिए बहुत भारी होने वाले हैं।
दुनिया भर के बाजारों में मची हलचल
इस Trump Ultimatum To Iran का असर केवल युद्ध तक सीमित नहीं है। परिणामस्वरूप, कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। इसके अलावा, शेयर बाजार में भी अनिश्चितता का माहौल है। यही कारण है कि भारत सहित कई एशियाई देशों ने अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। साफ तौर पर, कोई भी देश इस वक्त युद्ध का जोखिम नहीं उठाना चाहता।
निष्कर्ष: शांति की उम्मीद या सर्वनाश की शुरुआत?
अभी भी दुनिया के कई देश इस संकट को टालने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि, दोनों ही पक्ष झुकने को तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। अतः, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कूटनीति इस युद्ध को रोक पाती है। अंत में, NewsXGlobal अपने पाठकों को आगाह करता है कि स्थिति कभी भी बदल सकती है। इसलिए, किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें।
