Dehradun School Sex Racket Case: स्कूल परिसर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, बांग्लादेशी कनेक्शन | NewsXGlobal
देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के कैंट इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहाँ एक स्कूल परिसर के भीतर अवैध रूप से सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। नतीजतन, पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त छापेमारी में इस काले धंधे का पर्दाफाश हुआ है। साफ तौर पर, इस घटना ने शिक्षा जगत और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
रेड में मिला आपत्तिजनक सामान
पुलिस को काफी समय से इस इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। हालांकि, जब पुलिस टीम ने स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में अचानक छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। निश्चित रूप से, मौके से भारी मात्रा में शराब की बोतलें और कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं। इसके बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन युवतियों का हुआ रेस्क्यू
जांच टीम ने इस कार्रवाई के दौरान मौके से तीन युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यही कारण है कि पुलिस अब इन युवतियों से पूछताछ कर गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन लड़कियों को नौकरी और पैसों का लालच देकर इस दलदल में धकेला गया था। परिणामस्वरूप, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त मानव तस्करी रोधी धाराओं में केस दर्ज किया है।
चौंकाने वाला बांग्लादेशी कनेक्शन
इस Dehradun School Sex Racket Case में अब एक नया और बेहद गंभीर मोड़ आ गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान इस रैकेट के तार बांग्लादेश से जुड़े होने के सबूत मिल रहे हैं। अतः, खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही हैं कि क्या लड़कियों को अवैध रूप से सीमा पार कराकर यहाँ लाया गया था। देखा जाए तो, कैंट जैसे संवेदनशील इलाके में ऐसा होना सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष: स्कूल प्रबंधन पर उठते सवाल
एक चालू स्कूल के भीतर इस तरह की अनैतिक गतिविधियों का होना बेहद चिंताजनक है। इसलिए, स्थानीय लोग अब स्कूल प्रबंधन और सुरक्षा गार्डों की भूमिका की भी जांच की मांग कर रहे हैं। अंत में, NewsXGlobal की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कप्तान ने मामले की गहनता से जांच के आदेश दिए हैं। यकीनन, इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
