पटना | 14 अक्टूबर 2025
लोकगीत, शास्त्रीय संगीत और भजन गायन के लिए मशहूर युवा गायिका मैथिली ठाकुर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गई हैं। उन्होंने मंगलवार को पटना में राज्य के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी में शामिल होने के बाद मैथिली ठाकुर ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति में सक्रिय पद पाना नहीं, बल्कि समाजसेवा करना है।
पार्टी में शामिल होने पर क्या बोलीं मैथिली?
मैथिली ठाकुर ने कहा:
- “राजनीतिक दल में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि मैं नेता बनने आई हूं।”
- “मैं समाजसेवा के लिए आई हूं।”
- “मैं मिथिला की बेटी हूं और मेरे प्राण मिथिलांचल में बसते हैं।”
- वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से प्रेरित होकर सहयोग करना चाहती हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पार्टी के निर्णयों का पालन करेंगी।
क्या बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगी?
मैथिली ठाकुर से जब बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
- “मेरा उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं है।”
- “पार्टी जो आदेश देगी, उसका पालन करूंगी।”
इससे पहले पटना एयरपोर्ट पर समाचार एजेंसी से बातचीत में भी उन्होंने यही कहा था कि वह पार्टी के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेंगी।
फिलहाल यह साफ़ नहीं है कि उन्हें चुनाव मैदान में उतारा जाएगा या नहीं।
बीजेपी की पहली सूची जारी
मैथिली ठाकुर के बीजेपी में शामिल होने के दिन ही पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी। इस सूची में:
- कुल 71 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं
- इनमें 9 महिलाएं भी हैं
कुछ प्रमुख नाम:
- सम्राट चौधरी – तारापुर
- विजय कुमार सिन्हा – लखीसराय
- नितिन नबीन – बांकीपुर
- रेनू देवी – बेतिया
- रामकृपाल – दानापुर
हालांकि सूची में नंदकिशोर का नाम शामिल नहीं है।
कौन हैं मैथिली ठाकुर?
- उम्र: लगभग 25 वर्ष
- मूल निवासी: मधुबनी, बिहार
- परवरिश और शिक्षा: दिल्ली
- यूट्यूब सब्सक्राइबर: 5 मिलियन से अधिक
- इंस्टाग्राम फॉलोअर्स: 6.4 मिलियन से ज्यादा
मैथिली ठाकुर सोशल मीडिया के माध्यम से लोकप्रिय हुईं। वह अपने दो भाइयों के साथ मिलकर लोकगीत और भजन गाती थीं। उनके पिता रमेश ठाकुर भी संगीत से जुड़े रहे हैं और परिवार में संगीत का माहौल रहा है।
उनके लोकगीतों में विशेष रूप से भोजपुरी और मैथिली भाषा के गीत शामिल होते हैं।
राजनीतिक महत्व
मैथिली ठाकुर का बीजेपी में शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि:
- वह युवा और लोकप्रिय चेहरा हैं
- मिथिलांचल क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है
- सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी पहुंच है
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक चेहरों का राजनीति में प्रवेश चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
निष्कर्ष
मैथिली ठाकुर का बीजेपी में शामिल होना बिहार की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि वह चुनाव लड़ने के लिए नहीं बल्कि समाजसेवा के लिए आई हैं। आगे पार्टी उन्हें क्या जिम्मेदारी देती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
